नज़रिया मेरा-कसौटी आपकी
Saturday, 13 October 2012
कुछ तो है
प्यार के दर्पण में प्रतिबिम्बित,
जो भी है वो कुछ तो है
दिल के गलियारे रोशन हैं
ये खुदा नहीं, पर कुछ तो है
उमाकान्त
1 comment:
सीमा
29 October 2012 at 00:16
ये तो सच है की आप में कुछ तो है..
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ये तो सच है की आप में कुछ तो है..
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